一 | 法国石油巨头道达尔能源(TotalEnergies)首席执行官潘彦磊(Patrick Pouyanné)周一在挪威举行的能源会议上表示,尽管当前美伊局势紧张,道达尔能源仍将继续投资中东地区,尤其是阿布扎比的富查伊拉港石油出口管道扩建项目。 该CEO此前曾强调,鉴于美以与伊朗冲突期间霍尔木兹海峡交通陷入瘫痪,为中东石油出口投资建设替代管道极有必要。 डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। गत बुधवार से टैरिफ की नई दरें लागू हो गई हैं। इस बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत-पाक विवाद में मध्यस्थता की अनुमति न मिलने से ट्रंप नाराज थे। इसी कारण उन्होंने भारत पर टैरिफ लगाया।,दरअसल, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी जेफरीज की हाल में आई एक रिपोर्ट में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत-पाकिस्तान विवाद में मध्यस्थता की अनुमति न दिए जाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम है। हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर वह टैरिफ लगा रहे हैं।,
ट्रंप को थी काफी उम्मीद
जेफरीज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने मई में दोनों देशों के बीच चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के बाद हस्तक्षेप की उम्मीद की थी। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि शुल्क मुख्यतः अमेरिकी राष्ट्रपति की व्यक्तिगत नाराजगी का परिणाम है कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही कटुता को समाप्त करने में भूमिका निभाने की अनुमति नहीं दी गई।,
कृषि क्षेत्र भी है मुख्य वजह
रिपोर्ट में दूसरी भारत पर लगाए गए टैरिफ की सबसे बड़ी वजह कृषि क्षेत्र को बताया गया है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्तमान सरकार सहित कोई भी भारतीय सरकार, लाखों लोगों पर पड़ने वाले गंभीर परिणामों के कारण कृषि क्षेत्र को आयात के लिए खोलने को तैयार नहीं है।,जेफरीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 25 करोड़ किसान और संबंधित मज़दूर अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं, और यह क्षेत्र भारत के कार्यबल का लगभग 40 प्रतिशत है।
ट्रंप ने नहीं निभाया अपना वादा
जेफरीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत पर अब लगाए गए कठोर टैरिफ़ भी घटनाओं की एक व्यापक श्रृंखला से जुड़े हैं। बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन संघर्ष को अपने वादे के अनुसार समाप्त नहीं कर पाए हैं। वहीं, इसमें कहा गया कि इन सब के बीच भारत द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद वाशिंगटन में एक अतिरिक्त मुद्दा बन गई है।,गौरतलब है कि इस रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत पर लगाए गए टैरिफ का मूल कारण पाकिस्तान मामले में ट्रम्प के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अनुमति देने से भारत का इनकार है।
अमेरिका को भारी नुकसान की संभावना
जेफरीज की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत पर इस प्रकार से टैरिफ लगाने का नुकसान अमेरिका को उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट में चेताया गया कि अमेरिका का ये फैसला राष्ट्र के हितों के अनुरूप नहीं है। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि भारत को दूर धकेलने से वह चीन के और करीब आ सकता है। (समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ),यह भी पढ़ें: 'जैसे चूहा हाथी को मार रहा हो...', अमेरिकी अर्थशास्त्री ने भारत पर लगाए गए टैरिफ पर ट्रंप को सुनाई खरी-खरीयह भी पढ़ें: 'मैं राष्ट्रपति बनने को तैयार अगर...', अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्रंप को लेकर क्या कहा?。 潘彦磊指出,道达尔能源目前可能是伊拉克或卡塔尔石油最大的贸易商,情况很清楚,集团需要投入一定数额的资金来支持一条替代路线。 这一石油巨头将参与巴格达至叙利亚输油管道的项目合作,同时也会在阿布扎比进行投资,使富查伊拉港输油管道的运力翻倍。